सरकारी विभागों में 2 लाख से ज्यादा पद सीधी भर्ती और अनुकंपा नियुक्ति से भरे जाएंगे।
भोपाल।राज्य सरकार' प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के 50 हजार से ज्यादा मामले लंबित होने के कारण नियमों में सरलीकरण करने जा रही है, जिससे इन मामलों का निराकरण किया जा सके। इसमें अहम 2016 के कार्यभारित और आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वालों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने का है। सरकारी विभागों में 2 लाख से ज्यादा पद खाली हैं, इस स्थिति में रिक्त पद सीधी भर्ती से करने के साथ ही अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का निराकरण कर भर्तियां किया जाना है।
प्रदेश में निर्माण विभागों में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और ग्रामीण
यांत्रिकी विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के ज्यादा मामले कार्यभारित और आकस्मिकता निधि से पहले वेतन पाने वालों के हैं।इन विभागों में कर्मचारी की मृत्यु होने के बाद आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने का प्रावधान तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार के कार्यकाल में बंद कर दिया गया था जिसे 2016 में शुरू किया गया, लेकिन इससे अनुकंपा नियुक्त के प्रकरणों का निराकरण नहीं हो पा रहा है। इसलिए इन नियमों में संशोधन कर 2008 तक के प्रकरणों में नियुक्तियां दिया जाना प्रस्तावित है। इन दोनों संवर्गों के मामले में कोर्ट में 20 हजार से ज्यादा मामले लंबित है, जिनमें कर्मचारियों के आश्रित कोर्ट में गए हैं। कोर्ट भी इस मामले में भेदभाव को खत्म करने की बात कह रहा है, जिससे अनुकंपा नियुक्ति के इन मामलों का निराकरण किया जा सके। इस मामले को कैबिनेट में ले जाया जाना है।
ये हैं कार्यभारित और आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वालों के मामले
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण समेत अन्य निर्माण विभागों में किसी कार्य विशेष प्रोजेक्ट, यदि वह 10 साल तक चलना है तो उसके लिए कार्यभारित और आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों की भर्ती की जाती है। इन कर्मचारियों की सेवाओं का प्रोजेक्ट पूरा होने पर अन्य विभागों में संविलियन कर दिया जाता है या उन्हें खत्म कर दिया जाता है। एनवीडीए 'में ईएनसी से लेकर सब इंजीनियर तक की सेवाएं तो निर्माण विभागों से प्रतिनियुक्ति पर ली जाती है, लेकिन तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी के पद कार्यभारित से भर लिया गया है। आकस्मिकता निधि पाने वाले कर्मचारी, जिनकी मृत्यु हुई है, इन कर्मचारियों के आश्रितों के अनुकंपा नियुक्ति के मामले लंबित हैं। इन मामलों का निराकरण किया जा रहा है।
कर्मचारी संघ के
कर्मचारी नेता महेंद्र शर्मा प्रांताध्यक्ष मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ सरकार से मांग की है कि 2004 से प्रदेश के कई विभागों में कार्यभारित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण लंबित है तथा 2004 से अनुकंपा नियुक्ति के नियम में शीतल किया जाए।


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